पापा — हमने आपको बदलते देखा
आपके चमकते चेहरे पर बढ़ती उम्र की लकीरें देखीं, पापा, हमने आपको बदलते देखा। आपकी सख़्त दिनचर्या को बिखरते देखा, पापा, आपके फुर्तीलेपन को शिथिल होते देखा है। पापा, हमने आपको…पूरी कविता
शब्दों में छुपी भावनाओं की दुनिया
नई कविता पढ़ेंआपके चमकते चेहरे पर बढ़ती उम्र की लकीरें देखीं, पापा, हमने आपको बदलते देखा। आपकी सख़्त दिनचर्या को बिखरते देखा, पापा, आपके फुर्तीलेपन को शिथिल होते देखा है। पापा, हमने आपको…पूरी कविता
दिल और दिमाग की खामोश जंग, चाहत और मजबूरी की संग। लड़की और औरत की दोहरी परछाई, ज़रूरत और फ़र्ज़ की अनकही दास्तान है भाई। हर मुस्कान के पीछे छुपा सवाल, हर खामोशी में तूफ़ान…पूरी कविता