मुझ जैसी तुम्हें बहुत मिल जाएँगी
मुझ जैसी तुम्हें बहुत मिल जाएँगी, पर मेरी जगह कोई और नहीं ले पाएगा। काश उस वक़्त तुमने मेरी क़दर समझी होती, तो आज ये दूरियाँ इतनी न बढ़ पातीं। जिस बात पर तुम्हें इतना घमंड है…पूरी कविता
शब्दों में छुपी भावनाओं की दुनिया
नई कविता पढ़ेंमुझ जैसी तुम्हें बहुत मिल जाएँगी, पर मेरी जगह कोई और नहीं ले पाएगा। काश उस वक़्त तुमने मेरी क़दर समझी होती, तो आज ये दूरियाँ इतनी न बढ़ पातीं। जिस बात पर तुम्हें इतना घमंड है…पूरी कविता
मुझ जैसी तुम्हें बहुत मिल जाएँगी, पर मेरी जगह कोई और नहीं ले पाएगा। काश उस वक़्त तुमने मेरी क़दर समझी होती, तो आज ये दूरियाँ इतनी न बढ़ पातीं। जिस बात पर तुम्हें इतना घमंड है…पूरी कविता
बड़ी किस्मत से तू मुझे मिला बड़ी किस्मत से तू मुझे मिला, नौ महीने मेरे अंदर तू पला। एक-एक धड़कन के साथ तुझे बढ़ते देखा, हर रिश्ते से मेरा रिश्ता तुझसे नौ महीने ज़्यादा रहा। …पूरी कविता
हे भगवान, है विनती तुझसे एक बेटी की... हे भगवान, मेरी माँ का आँगन बनाए रखना। मेरे बच्चों के मन में गर्मी की छुट्टियों का इंतज़ार बनाए रखना, और मेरी माँ की गोद में फिर से …पूरी कविता
माँ, मैं माँ बन गई माँ, मैं माँ बन गई, पर तेरे लिए आज भी वही छोटी-सी बेटी हूँ। ज़िंदगी की राहों में चलते-चलते, न जाने कितने टुकड़ों में बँट गई हूँ। शादी को इतने साल हो गए,…पूरी कविता
काँपते हुए जिस हाथ ने तुझे पहली बार गोद में उठाया था, आज उसी हाथ को पकड़कर मैंने सहारा पाया। उस दिन तू मेरी बाँहों में एक नन्ही-सी जान था, और आज तू ही मेरी ताकत बन गया है। …पूरी कविता
सीखा है मैंने तुझसे, खुद को एक चुलबुली लड़की से एक ज़िम्मेदार माँ बनाना। सीखा है मैंने तुझसे बहुत कुछ, मेरे बच्चे। तेरी एक छोटी-सी आवाज़ से मेरी नींद न जाने कहाँ खो जाती है।…पूरी कविता
माना कि तुम पसंद आए, वो इत्तफ़ाक़ हो, पर उम्र भर तुम्हारा ही पसंद रह जाना— ये इश्क़ नहीं तो और क्या है..!! हमारा मिलना एक संयोग हो सकता है, पर हमारा साथ बने रहना— ये ऊपरवाले…पूरी कविता
रातभर जागती आँखों को बधाई देगा, चाँद निकलेगा तो खिड़की से दिखाई देगा। ये मोहब्बत है, ज़रा सोच-समझ के रोना, एक आँसू भी जो गिरा तो दिखाई देगा।पूरी कविता
ग़म की अँधेरी रात में दिल को यूँ बेचैन न कर, हर रात के बाद सवेरा है, बस थोड़ी सी उम्मीद तो कर। टूटे ख़्वाबों की इस खामोशी में, ख़ुद को यूँ उदास न कर, सुबह की रौशनी आएगी ज़र…पूरी कविता
कहना था उनसे दिल का हर इक राज़, पर वो किसी और दुनिया में खो बैठे थे। चाहा था बस उनके क़रीब रहने का सुकून, पर वो मुझसे बहुत दूर जा बैठे थे। दिल ने कहा— काश एक नज़र ही मिल जाए…पूरी कविता
बात ये नहीं कि तेरे बिन जी नहीं सकते बात ये है कि तेरे बिना जीना नहीं चाहतेपूरी कविता