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यूँ उदास न कर
06 January 2026
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ग़म की अँधेरी रात में दिल को यूँ बेचैन न कर, हर रात के बाद सवेरा है, बस थोड़ी सी उम्मीद तो कर। टूटे ख़्वाबों की इस खामोशी में, ख़ुद को यूँ उदास न कर, सुबह की रौशनी आएगी ज़रूर, बस उस सुबह का इंतज़ार तो कर।
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