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और क्या है

08 January 2026 व्यूज़: 67
माना कि तुम पसंद आए, वो इत्तफ़ाक़ हो,
पर उम्र भर तुम्हारा ही पसंद रह जाना—
ये इश्क़ नहीं तो और क्या है..!!

हमारा मिलना एक संयोग हो सकता है,
पर हमारा साथ बने रहना—
ये ऊपरवाले की साज़िश नहीं तो और क्या है..!!
माना कि तुमसे दिल का लग जाना एक इत्तफ़ाक़ था,
पर हर दुआ में बस तुम्हारा ही नाम आना—
ये मोहब्बत नहीं तो और क्या है..!!

मिलना हमारा भले ही एक संयोग रहा हो,
पर जन्म-जन्म तक साथ निभाने की चाह—
ये ऊपरवाले की मेहर नहीं तो और क्या है..!!
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  • 09 Jan 2026 02:26
    Laajawaab