काव्य संग्रह

शब्दों में छुपी भावनाओं की दुनिया

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बात

November 2025
बात ये नहीं कि तेरे बिन जी नहीं सकते
बात ये है कि तेरे बिना जीना नहीं चाहते
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पापा — हमने आपको बदलते देखा

November 2025
आपके चमकते चेहरे पर बढ़ती उम्र की लकीरें देखीं,
पापा, हमने आपको बदलते देखा।

आपकी सख़्त दिनचर्या को बिखरते देखा,
पापा, आपके फुर्तीलेपन को शिथिल होते देखा है।

पापा, हमने आपको…
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डुअल पर्सनालिटी

November 2025
दिल और दिमाग की खामोश जंग,
चाहत और मजबूरी की संग।

लड़की और औरत की दोहरी परछाई,
ज़रूरत और फ़र्ज़ की अनकही दास्तान है भाई।

हर मुस्कान के पीछे छुपा सवाल,
हर खामोशी में तूफ़ान…
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