काव्य संग्रह

शब्दों में छुपी भावनाओं की दुनिया

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मुझ जैसी तुम्हें बहुत मिल जाएँगी

June 2026
मुझ जैसी तुम्हें बहुत मिल जाएँगी,
पर मेरी जगह कोई और नहीं ले पाएगा।
काश उस वक़्त तुमने मेरी क़दर समझी होती,
तो आज ये दूरियाँ इतनी न बढ़ पातीं।

जिस बात पर तुम्हें इतना घमंड है…
पूरी कविता
📖

मुझ जैसी तुम्हें बहुत मिल जाएँगी

June 2026
मुझ जैसी तुम्हें बहुत मिल जाएँगी,
पर मेरी जगह कोई और नहीं ले पाएगा।
काश उस वक़्त तुमने मेरी क़दर समझी होती,
तो आज ये दूरियाँ इतनी न बढ़ पातीं।

जिस बात पर तुम्हें इतना घमंड है…
पूरी कविता
☁️

बड़ी किस्मत से तू मुझे मिला

June 2026
बड़ी किस्मत से तू मुझे मिला

बड़ी किस्मत से तू मुझे मिला,
नौ महीने मेरे अंदर तू पला।
एक-एक धड़कन के साथ तुझे बढ़ते देखा,
हर रिश्ते से मेरा रिश्ता तुझसे नौ महीने ज़्यादा रहा।
…
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❤️

मेरी माँ का आँगन बनाए रखना

June 2026
हे भगवान, है विनती तुझसे एक बेटी की...

हे भगवान,
मेरी माँ का आँगन बनाए रखना।

मेरे बच्चों के मन में
गर्मी की छुट्टियों का इंतज़ार बनाए रखना,
और मेरी माँ की गोद में
फिर से …
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💬

माँ, मैं माँ बन गई.

June 2026
माँ, मैं माँ बन गई

माँ, मैं माँ बन गई,
पर तेरे लिए आज भी वही छोटी-सी बेटी हूँ।
ज़िंदगी की राहों में चलते-चलते,
न जाने कितने टुकड़ों में बँट गई हूँ।

शादी को इतने साल हो गए,…
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🌅

नन्ही-सी जान

March 2026
काँपते हुए जिस हाथ ने तुझे पहली बार गोद में उठाया था,
आज उसी हाथ को पकड़कर मैंने सहारा पाया।

उस दिन तू मेरी बाँहों में एक नन्ही-सी जान था,
और आज तू ही मेरी ताकत बन गया है।

…
पूरी कविता
📖

मैंने तुझसे ज़िंदगी जीना सीखा।

March 2026
सीखा है मैंने तुझसे,
खुद को एक चुलबुली लड़की से एक ज़िम्मेदार माँ बनाना।

सीखा है मैंने तुझसे बहुत कुछ, मेरे बच्चे।

तेरी एक छोटी-सी आवाज़ से मेरी नींद न जाने कहाँ खो जाती है।…
पूरी कविता
☁️

और क्या है

January 2026
माना कि तुम पसंद आए, वो इत्तफ़ाक़ हो,
पर उम्र भर तुम्हारा ही पसंद रह जाना—
ये इश्क़ नहीं तो और क्या है..!!

हमारा मिलना एक संयोग हो सकता है,
पर हमारा साथ बने रहना—
ये ऊपरवाले…
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❤️

ये मोहब्बत है

January 2026
रातभर जागती आँखों को बधाई देगा,
चाँद निकलेगा तो खिड़की से दिखाई देगा।
ये मोहब्बत है, ज़रा सोच-समझ के रोना,
एक आँसू भी जो गिरा तो दिखाई देगा।
पूरी कविता
💬

यूँ उदास न कर

January 2026
ग़म की अँधेरी रात में
दिल को यूँ बेचैन न कर,
हर रात के बाद सवेरा है,
बस थोड़ी सी उम्मीद तो कर।

टूटे ख़्वाबों की इस खामोशी में,
ख़ुद को यूँ उदास न कर,
सुबह की रौशनी आएगी ज़र…
पूरी कविता
🌅

दिल ने कहा

January 2026
कहना था उनसे दिल का हर इक राज़,
पर वो किसी और दुनिया में खो बैठे थे।
चाहा था बस उनके क़रीब रहने का सुकून,
पर वो मुझसे बहुत दूर जा बैठे थे।

दिल ने कहा—
काश एक नज़र ही मिल जाए…
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📖

बात

November 2025
बात ये नहीं कि तेरे बिन जी नहीं सकते
बात ये है कि तेरे बिना जीना नहीं चाहते
पूरी कविता